रायपुर| राजधानी के रायपुर प्रेस क्लब में हुए प्रेस वार्ता में आज छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष अनिल दुबे ने कहा की भारत में किसानों के साथ जो छल कपट झूठ का सहारा लगातार आजादी के बाद आज तक बना हुआ है जिसमें सरकार कोई भी हो चाहे सरकार कांग्रेस की हो चाहे सरकार जनता दल की हो चाहे लोकदल की हो या फिर भाजपा की हो लगातार झूठ का सहारा लेकर किसानों को तंग करने की नई नई तकनीकी सोच केंद्र सरकार ले रही है और इस सोच को कायम करती जा रही है और उसका परिपालन राज्य सरकार के द्वारा किया जा रहा है क्या विडंबना है कि देश का रवैया किसानों के लिए एक चक्रव्यू जैसा बनता जा रहा है साथ ही किसानों के साथ अनेक प्रकार के अन्याय व समर्थन मूल्य के नाम पर धोखाधड़ी की जा रही है अनिल दुबे ने कहा कि किसानों की आमदनी सन 2022 से डेढ़ गुनी हो जाएगी हम उसी संसद सदस्यों से मुख्यमंत्री से कृषि मंत्री से पूछते हैं कि किसानों का बाजार क्या है और कहां है जहां समर्थन मूल्य मिलता हो और उनका सम्मान व उनकी सहायता की जाती हो छत्तीसगढ़ सरकार 6 सप्ताह के लिए समितियों के माध्यम से धान का बाजार लगाती है और समर्थन मूल्य भी देती है भूपेश बघेल सरकार ने तो 25 ₹100 प्रति क्विंटल दे दिया परंतु ओन्हारी के 14 फसलों को समर्थन मूल्य में खरीदने की बात कहने वाले भूपेश सरकार ने किसानों की तरफ मुंह मोड़ कर भी नहीं देखा छत्तीसगढ़ में मंडी तो है पर मंडी में इस्तेमाल होने वाले दानों की कीमत चुकाने के लिए कोई व्यक्ति नहीं है। भूपेश सरकार ने विधानसभा चुनाव के समय अपने घोषणा पत्र में पूर्ण शराबबंदी का जिक्र किया था मगर आज भूपेश सरकार को बने हुए पूरे 7 महीने हो चुके हैं आज हर गांव में हर शहर में एक ना एक या फिर उससे भी अधिक शराब दुकानें देखने को मिल रही है मगर उसी प्रकार हर गांव में किसानों के द्वारा उत्पादित फसलों को खरीदने के लिए कोई भी मंडी या फिर कोई भी बाजार समर्थन मूल्य देने को तैयार नहीं है जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा अध्ययन टीम का गठन किया जिसमें सर्वश्री दीनदयाल वर्मा कृषि स्नातक, दाऊ जी. पी. चंद्राकर, बी अनिल दुबे, बी एम. कॉम. डी. बी. एम. बी. जे. जागेश्वर प्रसाद कृषि सलाहकार, चेतन देवांगन कृषक, ईश्वर साहू कृषक, राम कुमार कौशिक कृषक, महेंद्र कौशिक एम. एस. सी. कृषक, वेंगेन्द्र सोनबेर, लीला राम साहू, घनाराम साहू, चिंताराम साहू, सतमन साहू, बुधराम सिंह कंवर, अशोक ताम्रकार, रवि चंद्रवंशी, अश्विनी यादु, अशोक यादव, लाला राम वर्मा, भुवनलाल पटेल आदि शामिल है। राज्य आंदोलनकारी अनिल दुबे को अध्ययन टीम का प्रमुख बनाया गया आंदोलन प्रमुख का कार्य करते हुए अध्ययन से यह बात सामने आई है कि केंद्र सरकार किसानों के साथ छल कपट कर रहा है जिस फसल का खरीदी की व्यवस्था सरकार ने की ही नहीं है उसके समर्थन मूल्य का औचित्य क्या है अध्ययन से यह बात सामने आई है कि केंद्र सरकार किसानों के साथ छल कपट कर रहा है इसके अलावा दो स्टेट पंजाब व महाराष्ट्र जहां किसानों के समर्थन मूल्य में खरीदी के साथ साथ कोई मुआवजा नहीं दे रही है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने अब तक किसानों का कर्जा माफ तो किया मगर समर्थन मूल्य देने की बात पर अडिग नहीं रह सकी 9 अगस्त क्रांति दिवस के दिन एक लाख पोस्टकार्ड छत्तीसगढ़ के सभी जिले के प्रमुख ब्लॉक, कस्बे से किसानों द्वारा केंद्र सरकार और राज्य सरकार को भेजा जाएगा
0 Comments